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माँ नवदूर्गा का तृतीय रुप माँ चन्द्रघण्टा है


.माँ नवदूर्गा का तृतीय रुप माँ चन्द्रघण्टा है इन्हे चन्द्रिका, चन्द्रसूर, चनसूर भी कहा गया है इसका पोधा धनिया के समान होता है, इसके पत्ते की सब्जी भी बनती है, यह कल्याणकारी औषधि मोटापा दूर करती है. इसलिए इसे चर्महन्त्री भी कहते है।

शक्ति को बढ़ाने वाली, ह्दय को स्वस्थ रखने वाली रक्त शोधक भी है।

प्रसूता के दूग्धवर्धन हेतु दिया जाता है, बल्य, बाजीकर, श्वास, कास यकृत प्लीहा वृद्धि नाशक है चतुर्बीज या चारदाना मेँ मेथी, चनसूर, मगरैला, अजवायन ये चार होते है अतः इन विकारोँ से पीड़ीत व्यक्ति को मा चन्द्रघण्टा की उपासना तथा चन्द्रसूर का सेवन कराना चाहिए.

माँ आदिशक्ति आपके सभी दुखोँ का नाश करे

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